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शब-ए-बरात: मुसलमानों ने रात भर जाग कर अदा की नमाज़, खूब हुई कुरआन की तिलावतें

हरदोई 19 मार्च
शबे बारात यानि गुनाहों से माफी की रात। अल्लाह इस रात में अपने बंदों के गुनाह माफ करता है। इसलिए मुस्लिम समाज के लोगों ने रात भर जागकर नमाजें अदा की और अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं और कब्रिस्तान जाकर अपने पुरखों की कब्रों पर फातेहा पढ़ कर उनके लिए भी अल्लाह से दुआ मांगते हैं।शबे बारात के अवसर बाद मग़रिब घरों हज़रत उवैस करनी रज़ी0 की नज़र पेश की गई व दुनिया से गुज़र गए पुरखों फातिहा की गई। उसके बाद मस्जिदों व घरों में विशेष नमाजें अदा करने व तिलावते क़ुरआन और दुआओं का दौर जारी रहा। नगर की दरगाह हज़रत मख़्दूम शाह साहब,दरगाह मीरा मुईजुद्दीन रह0 कर्बला,दरगाह शाह फर्रुख हसन मियां रह0 महेतवना,दरगाह मौलाना हैदर अली रह0 पुराना मदरसा,दरगाह हज़रत साग़र मियां रह0मंगल बाज़ार, दरगाह हज़रत हाफिज अली शाह रह0 सिराहोज़,दरगाह झाड़ी शाह,दरगाह बारा खम्बा,दरगाह हज़रत निहाल शाह रह0 तकिया व अन्य दरगाहों में अक़ीदत मन्दो का ज़ियारत का सिलसिला चलता रहा।इसी क्रम में छोटा चौराहा स्थित सूफी शफी अहमद साबरी के आवास पर आयोजित एक जलसे को सम्बोधित करते हुये तहरीक परचमे मोहम्मदी के अध्यक्ष फ़रीद उद्दीन अहमद बताया इस मुबारक रात में पढ़ी जाने वाली नमाजों और गुनाह की माफी मांगे जाने की तरीका बताया,डॉ0ज़ुबैर सिद्दीकी,दावर रज़ा, फरहत महमूद,रिज़वान साबरी आदि ने नात मनकबत पेश किया।घरों में महिलाओं ने शबेरात का विशेष पकवान हलवा बनाया व रात में इबादत रात में व्यस्त रहीं।पूरी रात इबादत के बाद लोगो ने सेहरी करके रोजा भी रखा।

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