डीसी(प्रशिक्षण) ने शिक्षक-शिक्षिकाओं को नई शिक्षा नीति की बारीकियां समझाईं
हरदोई। फाउंडेशन लिटरेसी एंड न्यूमरेसी (एफएलएन) प्रशिक्षण के दौरान शिक्षक-शिक्षिकाओं को नई शिक्षा नीति के बारे में बारीकी से बताया गया। बावन बीआरसी पर चल रहे चार दिवसीय प्रशिक्षण में बुधवार को वहां पहुंचे डीसी (प्रशिक्षण) राकेश शुक्ला ने बताया कि किस तरह प्री-स्कूलिंग को और बेहतर बनाया जा सकता है।
श्री शुक्ला ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना होगा। उन्होंने आगे बताया कि बच्चों में पढ़ने की क्षमता विकसित करना, उन्हें दैनिक जीवन से जुड़े प्रश्नों का उत्तर देने के लिए तैयार करना,3 से 4 वाक्यों वाले पैराग्राफ पढ़ कर अक्षरों की पहचान करने के लिए उनकी बौद्धिक क्षमता को विकसित करना है। प्रशिक्षण दे रहे एआरपी अभिषेक तिवारी, गिरिजा शंकर सिंह ‘जीएस सिंह ‘, निरुपमा सिंह और दीप्ति द्विवेदी ने भी शिक्षक-शिक्षिकाओं को फाउंडेशन लिटरेसी एंड न्यूमरेसी (एफएलएन) के तहत दी जाने वाली तमाम जानकारियां दी। एआरपी निरुपमा सिंह व अभिषेक तिवारी ने बताया कि इस कार्यक्रम में 03 से 09 साल तक के बच्चों को फोकस करना है। कहा कि सभी इस संकल्प के साथ जुटें कि बच्चे पढ़ने-लिखने
और बुनियादी संख्या ज्ञान के स्तर को हर- हाल में हासिल करें। प्रशिक्षण में शामिल होने आए शिक्षक-शिक्षिकाओं ने नई शिक्षा नीति को लेकर कुछ सवाल भी किए। सोमवार से शुरू हुए प्रशिक्षण का शुक्रवार को समापन होगा।