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संभल घटना: जमीअत उलमा-ए-हिंद का शहीदों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये देने का ऐलान

  • जमीअत के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने संभल के जिम्मेदारों से मुलाकात की
  • स्थानीय पुलिस दबाव बना कर गिरफ्तार लोगों से बदलवा रही है बयान: मौलाना हकीमुद्दीन कासमी

नई दिल्ली, 28 नवंबर। संभल में पुलिस प्रशासन ने जो अमानवीय अपराध किया है, वह किसी भी तरह से स्वीकार्य-योग्य नहीं है। हम इसके विरुद्ध हर स्तर पर लड़ेंगे और पीड़ितों एवं गिरफ्तार निर्दोषों को न्याय दिलाएंगे। यह घोषणा आज जमीअत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने रजबपुर अमरोहा में संभल हादसे को लेकर हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में की। मौलाना मदनी ने घोषणा की कि जमीअत उलमा सभी शहीदों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये देगी। इसके अलावा जो घायल हुए हैं, उनके इलाज के लिए सहायता का हाथ बढ़ाया जाएगा।
इस बैठक में जमीअत उलमा अमरोहा, जमीअत उलमा संभल और जमीअत उलमा मुरादाबाद के पदाधिकारी मौजूद थे, जिसमें जमीअत उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी और जमीअत उलमा-ए-हिंद के कोषाध्यक्ष मौलाना कारी शौकत अली और मुफ्ती मोहम्मद अफ्फान मंसूरपुरी ने भी भाग लिया। जमीअत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष ने तीनों जिलों के पदाधिकारियों पर आधारित एक राहत समिति भी गठित की, जिसके संयोजक जमीअत उलमा संभल के अध्यक्ष हाफिज मोहम्मद शाहिद होंगे। इसके साथ ही एक कानूनी समिति गठित करने का भी निर्णय लिया गया।
दूसरी तरफ, टीएमयू यूनिवर्सिटी के अस्पताल में घायलों के परिजनों से मुलाकात के बाद जमीअत उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि इलाजरत घायलों के पैरों में बेड़ियां डाली गई हैं। उन्होंने कहा कि हमें जानकारी मिली है कि पुलिस विभाग इलाजरत कैदियों पर दबाव बना रहा है कि वह अपने बयान बदल दें, जो न्याय और कानून के विरुद्ध है और हम इसका मुखर रूप से विरेध करते हैं।
ज्ञात हो कि जमीअत उलमा-ए-हिंद के प्रतिनिधिमंडल ने महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी के नेतृत्व में आज सुबह पुलिस फायरिंग में घायल होने वाले लोगों के परिजनों से टीएमयू अस्पताल में मुलाकात कर उनका हालचाल पूछा। इन घायलों का इलाज पुलिस की सख्त निगरानी में हो रहा है। इनमें से एक मोहम्मद अजीम पुत्र खलील अहमद निवासी साहवाजपुर कलां संभल हैं, जबकि दूसरे मोहम्मद हसन निवासी नख्खासा मोहल्ला, बड़ा बाजार, संभल हैं, जिनके दाहिने हाथ में गोली लगी है। उनके पिता इरफान अहमद का लगभग 20 दिन पूर्व देहांत हुआ था, उनकी मां इद्दह में हैं और तीसरे मोहम्मद वसीम निवासी महमूद की सराय हैं।
जमीअत उलमा-ए-हिंद के प्रतिनिधिमंडल में जमीअत उलमा-ए-हिंद के महासचिव के अलावा मौलाना गय्यूर अहमद कासमी, मौलाना शफीक अहमद अल-कासिमी और मौलाना वहीदुज़्ज़मां कासमी शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल और मीटिंग में संभल से जमीअत उलमा संभल के अध्यक्ष हाफिज मोहम्मद शाहिद, जमीअत उलमा संभल के उपाध्यक्ष मौलाना अब्दुल गफूर, जमीअत उलमा संभल के महासचिव मौलाना नदीम अख्तर, कारी रियाजुद्दीन, मौलाना कलामुद्दीन इमाम और खतीब पैरा माउंट मस्जिद मुरादाबाद, मौलाना मुफ्ती अबूबकर पुत्र मुफ्ती मोहम्मद सलमान मंसूरपुरी, मुफ्ती अब्दुल हक कासमी, कारी नफीस, जमीअत उलमा शहर मुरादाबाद के कोषाध्यक्ष हाजी नसीम, मौलाना अब्दुल जब्बार जोया, मौलाना अनस और सलमान भाई भी शामिल थे। जो राहत कमेटी गठित की गई है, उसमें मौलाना शाहिद, मौलाना अनस, कारी यामीन अमरोहा, मौलाना अब्दुल गफूर, हाफिज दिलदार, मुफ्ती अरबाब, मौलाना गय्यूर अहमद कासमी दिल्ली शामिल हैं।

साभार
नियाज अहमद फारूकी
सचिव, जमीअत उलमा-ए-हिंद
फोन न. 9312228470

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