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बिहार: उर्दू विद्यालयों में ई-शिक्षा कोष ऐप में त्रुटि से शिक्षक परेशान

मुजफ्फरपुर, 27 अक्टूबर।
आज रविवार को जिले के सभी उर्दू विद्यालय खुले हैं लेकिन शिक्षकों को ई शिक्षा कोष ऐप पर उपस्थिति दर्ज करने में बड़ी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा वहीं उत्क्रमित उर्दू माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में ऐप से उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाई। यह बातें कौमी असातिजह तंजीम बिहार के प्रदेश संयोजक मो0 रफी ने बताई। मो0 रफी ने इस समस्या की सूचना जिला शिक्षा पदाधिकारी मुजफ्फरपुर अजय कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना इन्द्र कुमार कर्ण को दे दी है और गंभीरता पूर्वक इस समस्या के समाधान का अनुरोध किया है। मो0 रफी ने बताया कि ई-शिक्षा कोष के नये वर्जन में माह अक्टूबर में सभी उर्दू विद्यालयों के शिक्षकों को रविवार 3, 6 और 20 के दिन उपस्थित रहने के बावजूद अनुपस्थित दिखाया जिसकी शिकायत मैनें माननीय मुख्यमंत्री बिहार से की परिणामस्वरूप इस रविवार 27 अक्टूबर को शिक्षकों को अपने आईडी से उपस्थिति दर्ज करने की अनुमति तो नहीं मिली, परन्तु विद्यालय आईडी से उपस्थिति दर्ज करने में शिक्षक सफल हुए। वहीं उत्क्रमित उर्दू माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक किसी भी आईडी से उपस्थिति दर्ज नहीं कर सके। ऐसे विद्यालयों में उत्क्रमित उच्च विद्यालय मोर निस्फ उर्दू, कुढ़नी और उत्क्रमित हाई स्कूल बथनाहा महर्था उर्दू , कांटी, मुजफ्फरपुर आदि शामिल हैं।

मो0 रफी ने बताया कि ई-शिक्षा कोष ऐप में रोज रोज के संशोधन से शिक्षक परिशान हो ग‌ए हैं, बिहार वित्त भाग के प्रधान सचिव आनन्द किशोर ने सभी विभागों के ‌अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर दीपावली एवं छठ पर्व को देखते हुए 25 अक्टूबर से वेतन भुगतान करने का आदेश दिया है लेकिन ई-शिक्षा कोष ऐप बाधक साबित हो रहा है कि सभी विद्यालयों ने 22 अक्टूबर तक वितन विवरणी प्रखण्ड कार्यालय बिआरसी को उपलब्ध करा दी थी लेकिन अब ई-शिक्षा कोष ऐप से डाउनलोड किया गया उपस्थिति विवरणी देने के आदेश ने वेतन भुगतान की सभी तैयारियों को प्रभावित कर दिया है और इससे यह प्रतीत होता है कि अब समय से भुगतान संभव नहीं है। वहीं डाउनलोड किए गए उपस्थिति विवरणी के बहाने प्रधानाध्यापकों के अधिकार भी छिन ग‌ए हैं, उन्हें डाउनलोड उपस्थिति विवरणी को सत्यापित करने की अनुमति तो दी गई है, परन्तु उसमें किसी प्रकार के संशोधन करने की अनुमति नहीं मिली है। इससे साफ साफ स्पष्ट होता है कि प्रधानाध्यापकों के अधिकार भी छीन लिए गए हैं। मो0 रफी ने यह भी बताया कि ई-शिक्षा कोष ऐप में त्रुटि होने के कारण यह सूचना मिल रही है कि शिक्षकों में रोष व्याप्त है और ऐप की उपयोगिता पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए वे इसका विरोध करने का मन बना रहे हैं। इसलिए मो0 रफी ने जहां एक ओर मुख्यमंत्री बिहार श्री नीतीश कुमार से इस ऐप में समूचित सुधार करने का आग्रह किया है अन्यथा इस व्यवस्था को ही समाप्त करने की मांग की है। वहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी मुजफ्फरपुर एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना से आग्रह किया है कि वे अपने स्तर से शिक्षकों को उत्पन्न समस्याओं का समाधान प्रेम पूर्वक करें और दीपावली से पूर्व वेतन भुगतान सुनिश्चित करें।

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