Trending Now

बिहार में शिक्षकों को उपस्थिति दर्ज करने में परेशानी, व्यवस्था में बदलाव की मांग

पटना।
आज दिनांक 26 अक्टूबर, ई शिक्षा कोष से उपस्थिति दर्ज करने में आ रही कठिनाईयों को ठीक करने अन्यथा इस व्यवस्था को ही समाप्त करने और प्रधानाध्यापकों द्वारा दिये जाने वाले उपस्थिति विवरणी के आधार पर सभी कोटि के विद्यालय शिक्षकों का वेतन भुगतान की मांग आज कौमी असातिजह तंजीम बिहार ने माननीय मुख्यमंत्री बिहार श्री नीतीश कुमार के माध्यम से शिक्षा विभाग से की है। कौमी असातिजह तंजीम बिहार के प्रदेश संयोजक मो0 रफी ने इसकी सूचना देते हुए कहा कि शिक्षक ऐप में रोज रोज के संशोधन से तंग आ चुके हैं फिर भी ऐप में ढेरों कमियां हैं जिसका खामियाजा शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है। मो0 रफी ने कहा कि सबको पता है कि रविवार को उर्दू विद्यालय खुले रहते हैं, शिक्षकों के हाजरी बनाने के बाद भी अनुपस्थित दिखाया जा रहा है। वहीं उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय उर्दू के शिक्षकों को शुक्रवार को छुट्टी के दिन अवकाश की जगह अनुपस्थित दिखाया जा रहा है। मो0 रफी ने कहा कि इसलिए उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री बिहार श्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर यह आग्रह किया है कि ऐप में सभी आवश्यक संशोधन कर दिये जाएं अन्यथा इस ऐप से उपस्थिति दर्ज करने की बाध्यता समाप्त की जाय, क्योंकि शिक्षक भाग – भाग कर प्रातः 9:00 बजे से पूर्व विद्यालय पहुंच तो जाते हैं लेकिन विभिन्न कारणों से बहुत प्रयास के बाद उपस्थिति दर्ज हो पाती है, कभी कभार तो असफलता ही हाथ लगती है। ऐसा भी हो रहा है कि उपस्थिति दर्ज करने के बाद भी अनुपस्थित दिखाया जाता है। मो0 रफी ने कहा कि इस व्यवस्था का दुष्प्रभाव जहां एक ओर शैक्षणिक वातावरण पर पड़ता है वहीं दूसरी ओर शिक्षक मानसिक रूप से बीमार होते जा रहे हैं। मो0 रफी ने मुख्यमंत्री बिहार श्री नीतीश कुमार से यह भी मांग की है कि जब ऐप ठीक ठीक काम नहीं कर रहा है तो ऐसे में शिक्षकों के वेतन का भुगतान ई-शिक्षा कोष पर दर्ज उपस्थिति विवरणी से करना अव्यवहारिक होगा और इससे जहां शिक्षकों को विद्यालय छोड़ कार्यालयों का चक्कर लगाना होगा वहीं शिक्षकों का आर्थिक दोहन भी होगा, इसलिए वेतन भुगतान दैनिक उपस्थिति पंजी के आधार पर प्रधानाध्यापकों द्वारा दिए जाने वाले उपस्थिति विवरणी के आधार पर ही हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *