- जमीअत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष महमूद असद मदनी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक राज्य मंत्री के इस बयान को उनके पद का अपमान बताया
नई दिल्ली, 19 सितंबर 2024। जमीअत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार द्वारा कुछ मदरसों को आतंकवाद का प्रशिक्षण केंद्र बताने पर घोर निंदा की है और इस बयान को गृह मंत्रालय के गौरव और विश्वसनीयता का अपमान बताया है। मौलाना मदनी ने कहा कि उनका बयान दुष्टता और इस्लामोफोबिया को दर्शाता है। यह देश के लिए निराशाजनक है कि ऐसी सोच रखने वाला व्यक्ति सरकार में एक गंभीर, संवेदनशील और जिम्मेदार पद पर है। उन्होंने कहा कि हमें पता चला है कि वह लगातार एक खास समुदाय के खिलाफ ऐसे बयान देते रहते हैं।
मौलाना मदनी ने आगे कहा कि इस्लामी मदरसे इस्लाम की सभ्यता और भारतीय बहुलवाद का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं जो दो शताब्दियों से ज्ञान, नैतिक प्रशिक्षण और अंतर-धार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देने का केंद्र रहे हैं। मदरसे न केवल शैक्षणिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं बल्कि समाज में धार्मिक सहिष्णुता, शांति और न्याय के मूल्यों को भी बढ़ावा देते हैं। सच तो यह है कि धार्मिक मदरसे इस देश की महान विरासत हैं और इसकी पहचान और सांस्कृतिक विविधता से जुड़े हैं।
मौलाना मदनी ने कहा कि मदरसों को आतंकवाद से जोड़ना तथ्यों के विपरीत है, विशेष रूप से मदरसों में झाड़ू से एके-47 बनाने की बात हास्यास्पद है। ऐसे गैरजिम्मेदाराना बयान के लिए गृह राज्य मंत्री को माफी मांगनी चाहिए।
साभार
नियाज अहमद फारूकी
सचिव, जमीअत उलमा-ए-हिंद
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